Shayari एक ख़्वाब | • EK KHWAAB ᥫ᭡ ☻️
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Est. 31May,2022
!! सब अधूरा ही रह गया
ख़्वाब, ख्वाहिश, और वो सपने !!

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एक गाना‌ सुना था बहुत दिन पहले उसकी दूसरी लाइन याद नहीं आ रही कोई बताएगी !!

पहली लाइन थीं
"दिल ने ये कहा है दिल से".....??????🤔
🤩2
लड़की काम से फ्री होकर बात करती हैं ,

और लड़के काम को लात मारकर.....!
🤣5🤩2
तू हस तू मुस्करा तू रोना कम कर दे,तू जिंदा है जिंदगी की नाक में दम कर दे 🔥
🔥61
मुझसे उनकी काॅल तक कटती नही
मुझसे उनकी काॅल तक कटती नही
जिंदगी काटेंगे कैसे उनके बिना 😔😔😔😔
5❤‍🔥1
My day without you feels like it's incomplete ❤️🔪😏


@avi_shii @ek_khwaab
😢3😈3
🙂🙂🥀
🥰4😡3
बोला था ना कि जिस दिन मेरी गर्लफ्रेंड बनेगी उस दिन भंडारा करवा दूँगा भंडारा... 😎


बैठे रहो सब अभी भी नही बनी है 😏😰😂
🤣9
प्यार की कली सब के लिए, खिलती नहीं
चाहने भर से हर एक चीज मिलती नहीं
ये सच्चा प्यार तो बस किस्मत से मिलता है
हर किसी को ऐसी किस्मत मिलती नही
पर हमारी किस्मत मे लिखा था हमे तो मिल गया 😍😍
हम❤️तुम
4
बधाई रुकनी नही चाहिए दोस्तों
आज मुझे 10 रूपए मिले रोड पर पड़े मिले हैं

🙂😌
Feeling Ameer 😎
🤣6👏5
Sometimes loneliness creeps us like hell!

@ek_khwaab @avi_shii
2😢2🕊1
भटकना भी मुझे क़ुबूल है,,,

हां मगर शर्त है....
वो गली तेरी हो।।

♥️
❤‍🔥4
जय श्री कृष्णा 🙏
5🙏4
मेरी बात रही मेरे मन में
कुछ केह ना सकी उलझन में
मेरी बात रही मेरे मन में
कुछ केह ना सकी उलझन में
मेरी बात रही मेरे मन में
कुछ केह ना सकी उलझन में
मेरे सपने अधुरे
हुए नहीं पुरे
आग लगी जीवन में
मेरी बात रही मेरे मन में
कुछ केह ना सकी उलझन में
ओ रसिया मन बसिया
नस नस में हो तुम ही समाये
मेरे नैना कहे बिना
मेरा दर्द ना तुम सुन पाये
जिया मोरा प्यासा रहा सावन में
मेरी बात रही मेरे मन में
कुछ केह ना सकी उलझन में

कुछ केहेते कुछ सुनते
क्यूँ चले गए दिल को मसल के
मेरी दुनिया हुयी सुनि
बुझा आस का दीपक जन के
छाया रे अँधेरा मेरी अखियन में
मेरी बात रही मेरे मन में
कुछ केह ना सकी उलझन में

तुम आओ के ना आओ
पिया याद तुम्हारी मेरे संग हैं
तुम्हे कैसे ये बताऊँ
मेरे प्रीत का निराला इक रंग हैं
लगा हो ये नेहा जैसे बचपन में
मेरी बात रही मेरे मन में
कुछ केह ना सकी उलझन में
मेरे सपने अधुरे
हुए नहीं पुरे
आग लगी जीवन में
मेरी बात रही मेरे मन में
कुछ केह ना सकी उलझन में
मेरी बात रही मेरे मन में
कुछ केह ना सकी उलझन में


Old song lyrics bilkul jindagi ke satey se rubaru karwa dete hai jinko samaj hai puraane gaano ki wo hi sunte hai purane gaane
3
सुनो......!
तुम मेरी परिधि की त्रिज्या , मैं तुम्हारा व्यास हूँ ,
तुम तो एकदम पाई का मान बाईस बटा सात हो...😉
7🤩4
कोई सुलह करवा दे जिंदगी की उलझनों से ,
बड़ी तलब सी लगी है आज मुस्कुराने की !!

🔗
@ek_khwaab
😢8😭4😐2
मैंने सोच लिया है जो लोग मेरी पोस्ट पर नहीं आते, मैं उनको अपने बेटे की शादी में नहीं बुलाऊँगा 😁😁😂😏😏
🤣12
😁😁🤣
🤯9👏1🤩1