Shayari एक ख़्वाब | • EK KHWAAB ᥫ᭡ ☻️
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Est. 31May,2022
!! सब अधूरा ही रह गया
ख़्वाब, ख्वाहिश, और वो सपने !!

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दीदार की आग जब दिल में भड़कने लगती है
तुझे देखने को मेरी आँखें तरसने लगती है
❤‍🔥2
मुझे मत मिलाओ किसी और में
मुझसा कोई नहीं इस दौर में
❤‍🔥2
जिंदगी में दो चीज़ें खास है पहला वक्त और दूसरा प्यार
वक्त किसी का नहीं होता और प्यार हर किसी से नहीं होता
1
बुद्धी सबसे पास है, चालाकी करनी है या ईमानदारी, ये संस्कारो पर निर्भर करता है।

राधेकृष्णा
1
140 members aur fir ho jayengy 1k🙂
🤡82
कहवां खटत बाडू ड्यूटी

उड़ल जाता मुहवा के ब्यूटी
😂
3
दिखावे का प्यार ही शोर करता है
सच्ची मोहब्बत तो इशारों में ही सिमट जाती है
2
जिस दिन सब मोह माया छोड़कर पढ़ाई पर ध्यान लगाने की सोचता हू उसी दिन वो अपनी डीपी चेंज कर देती है
😐😐😐😁🙈
🥰8
रश्मिरथी / तृतीय सर्ग / भाग 2
── ⋅ ⋅ ── ✩ ── ⋅ ⋅ ──
वसुधा का नेता कौन हुआ?भूखण्ड-विजेता कौन हुआ?
अतुलित यश क्रेता कौन हुआ?नव-धर्म प्रणेता कौन हुआ?
जिसने न कभी आराम किया,विघ्नों में रहकर नाम किया।
जब विघ्न सामने आते हैं ,सोते से हमें जगाते हैं,
मन को मरोड़ते हैं पल-पल, तन को झँझोरते हैं पल-पल।
सत्पथ की ओर लगाकर ही,जाते हैं हमें जगाकर ही।
वाटिका और वन एक नहीं,आराम और रण एक नहीं।
वर्षा, अंधड़, आतप अखंड,पौरुष के हैं साधन प्रचण्ड।
वन में प्रसून तो खिलते हैं,बागों में शाल न मिलते हैं।
कङ्करियाँ जिनकी सेज सुघर,छाया देता केवल अम्बर,
विपदाएँ दूध पिलाती हैं,लोरी आँधियाँ सुनाती हैं।
जो लाक्षा-गृह में जलते हैं,वे ही शूरमा निकलते हैं।
बढ़कर विपत्तियों पर छा जा,मेरे किशोर! मेरे ताजा!
जीवन का रस छन जाने दे,तन को पत्थर बन जाने दे।
तू स्वयं तेज भयकारी है,क्या कर सकती चिनगारी है?
वर्षों तक वन में घूम-घूम,बाधा-विघ्नों को चूम-चूम,
सह धूप-घाम, पानी-पत्थर, पांडव आये कुछ और निखर।
सौभाग्य न सब दिन सोता है, देखें, आगे क्या होता है।
── ⋅ ⋅ ── ✩ ── ⋅ ⋅ ──
#rashmirathi
🔸🔹🔺🔹🔺🔹💠

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रश्मिरथी संपूर्ण अनुक्रमणिका💠

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अगर सफ़र में मेरे साथ मेरा यार चले,
तवाफ़ करता हुआ मौसमे-बहार चले।

लगा के वक़्त को ठोकर जो ख़ाकसार चले,
यक़ीं के क़ाफ़िले हमराह बेशुमार चले।

नवाज़ना है तो फिर इस तरह नवाज़ मुझे,
कि मेरे बाद मेरा ज़िक्र बार-बार चले।

ये जिस्म क्या है, कोई पैरहन उधार का है,
यहीं संभाल के पहना,यहीं उतार चले।

ये जुगनुओं से भरा आस्माँ जहाँ तक है,
वहाँ तलक तेरी नज़रों का इक़्तिदार चले।

यही तो इक तमन्ना है इस मुसाफ़िर की,
जो तुम नहीं तो सफ़र में तुम्हारा प्यार चले।
🫶 💕

#Gazal
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कहता है इतिहास, जगत में हुआ एक ही नर ऐसा,
रण में कुटिल काल-सम क्रोधी, तप में महासूर्य जैसा।

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🙏7👏2
गुजरते लम्हों में खुशियाँ तलाश करता हूं
प्यास इतनी है कि, नदियाँ तलाश करता हूं
यहाँ पर लोग गिनते हैं खूबियाँ अपनी
मैं अपने आप में कमियाँ तलाश करता हूं
😢6
एक बात पूछनी थी लड़कियों से 👀
यही शादी विवाह मे तुम भी लड़के ताड़ती हो क्या🙊😝😅??



कॉमेंट मैं बताओ
🤣10😱4🤯2🤔1
गुस्से में उसी का नंबर
डिलीट करना चाहिए
जिसका नंबर याद हो वरना बाद में
बहुत तकलीफ होती है!!!!🥹
🤣9😢1